देश , 10 दिसम्बर । देश के नागरिक सीडीएस बिपिन रावत के आकस्मिक निधन से दुखी है । लेकिन अपने आपको स्वघोषित मेनस्ट्रीम मीडिया कहने वाले चैनल इसे एक इवेंट की तरह कवर कर रहे है । मानाकि यह मेनस्ट्रीम मीडिया का धन्धा है लेकिन दुःख को बेचने की ये हवस अब इतनी घिनौनी हो चुकी है कि लाइव शो में मौत का मजाक बनाया जा रहा है ।
न्यूज़ नेशन के कंसल्टिंग एडिटर दीपक चौरसिया ने कल रात आठ बजे के अपने प्रोग्राम में जो किया वो टीवी मीडिया के धंधे का असली चेहरा है । दीपक अपनी लड़खड़ाती आवाज़ में सीडीएस बिपिन रावत को श्रद्धांजलि देते हुए वीपी सिंह का नाम ले रहे हैं । हम मान लेते हैं कि वो इस घटना से इतने आहत हैं कि उनकी आवाज़ लड़खड़ा रही है लेकिन ये कैसे मान लें कि जिस व्यक्ति के लिए दुःखी हैं उसका नाम भी याद नहीं है । लेकिन समस्या ये है कि जिस सीडीएस बिपिन रावत को उन्होंने जनरल वीपी सिंह बोला था, उसे अगले ही पल जनरल से जर्नलिस्ट बना दिया ।
ये किसी की मौत का मजाक नहीं तो और क्या है ? इस प्रोग्राम का वीडियो न्यूज नेशन ने अपने यूट्यूब चैनल से हटा दिया है । हालांकि इसे सोशल मीडिया यूजर्स की बदौलत अब भी देखा जा सकता है ।
Why is Deepak Chaurasia sir missing in today's #DeshKiBahas debate 😭😭
— Mohammed Zubair (@zoo_bear) December 10, 2021
Matlab kya bolu... Samaj he nahi aaraha hai. Mai keh nahi sakta..😭 https://t.co/L1mbz7Qb53 pic.twitter.com/KLIA4jiBI6
वीडियो से ये साफ संकेत मिल रहा है कि वो होश में नहीं हैं। सोशल मीडिया पर उनके शराब के नशे में होने की बात लिखी जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दीपक चौरसिया देश की करोड़ों जनता को नशे में न्यूज सुनाते हैं? अगर इसका जवाब ‘हाँ’ है तो नशा करना या ना करना किसी का व्यक्तिगत मामला हो सकता है लेकिन नशे में करोड़ों लोगों को सूचना देना कतई निजी मामला नहीं है । टीवी मीडिया का जितना शक्तिशाली प्रभाव आम लोगों पर पड़ता है उसे ध्यान में रखें तो ये मामला किसी भी क्रिमिनल ऑफेंस से कम नहीं है ।
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