लखनऊ ,27 नवम्बर । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक दलित परिवार के चार सदस्यों को बेरहमी से कुल्हाड़ी मार कर मौत के घाट उतार दिया गया । इन चार सदस्यो में पति-पत्नी और उनका बेटा व नाबालिग बेटी शामिल हैं । पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से पता चला है कि मां-बेटी को मारने से पहले उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया ।
परिवारीजनों का कहना है कि पुलिस भी इस मामलें में आरोपियों के साथ है और उनसे समझौता करने को कह रही है । परिवार वालों का कहना है कि गांव के ही ठाकुर परिवार के लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया है ।
यह है पूरा मामला -
मीडिया रिपोर्ट्स और बीबीसी की ख़बर के मुताबिक़ 24 नवम्बर की रात मोहनगंज गोहरी गांव में एक परिवार सुकून से सो रहा था, परिवार के सदस्य जिनमें एक पुरुष जिनकी उम्र 50 साल थी, साथ में उनकी 45 वर्षीय पत्नी, 16 साल की बेटी और 10 साल के बेटे शामिल हैं ।
जब सुबह देर तक दरवाज़ा न खुला तो गांव वालों ने आवाज़ लगाई, गांव वालों को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को जानकारी दी । जब पुलिस ने घर खोला तो वहां चारों के ख़ून से लथपथ शव मिले । घर से एक कुल्हाड़ी भी बरामद हुई है । मृतक के छोटे भाई के कहने पर पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज कर ली है ।
एफ़आईआर में मृतक के भाई ने आरोप लगाया है कि, “गांव के दबंग व्यक्ति आकाश सिंह, उनके पिता अमित सिंह, अमित सिंह की पत्नी बबली सिंह और आठ अन्य लोगों ने ज़मीन के विवाद की वजह से 5 और 21 सितम्बर को दलित परिवार के साथ मारपीट की , इस मामले की एफ़आईआर थाने में दर्ज है लेकिन अब तक इसमें कोई सुनवाई नहीं की गई।”
परिवारजनों का कहना है की 21 सितम्बर को गेट तोड़कर घर में घुस कर हम लोगों को मारा गया फिर भी तुरंत मुक़दमा नहीं लिखा गया , एक हफ़्ते बाद मुक़दमा लिखा और उसमें दोनों तरफ़ का मुक़दमा बनाया गया ।
मृतक की भाभी ने कहा की सिपाही सुशील कुमार बार-बार आते थे हमारे घर पर कि समझौता कर लो, समझौता कर लो , वो फाफामऊ चौकी पर सिपाही हैं ।
एफ़आईआर में भी थानाध्यक्ष फाफामऊ राम केवल पटेल और सिपाही सुशील कुमार सिंह पर सुलह करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है अपराधियों नें उपरोक्त पुलिस की शह पर इन लोगों ने ये नृशंस हत्या की है
इस पूरे मामले में मोहनगंज गोहरी गांव में रहने वाले आकाश सिंह उनके पिता अमित सिंह और उनकी मां बबली सिंह के अलावा आठ और लोगों को नामज़द कर उन पर हत्या, एससी एसटी एक्ट का मामला दर्ज किया गया है ।
एफ़आईआर में नाबालिग़ के साथ सामूहिक दुष्कर्म का भी आरोप लगाया गया है, इसलिए मुक़दमे में पॉक्सो एक्ट की धाराओं को भी शामिल किया गया है ।
महिलाओं ने शव को घेरा -
शुक्रवार को पुलिस अभिरक्षा में चारों का पार्थिव शरीर गोहरी गांव लाया गया । अंतिम संस्कार की तैयारी से पूर्व ही महिलाएं आक्रोशित हो गईं । शव के चारों तरफ घेर कर बैठ गई और हंगामा करने लगीं। इस दौरान पूर्व मंत्री अंसार अहमद समेत आसपास के कई नेता भी पहुंच गए । पीड़ित परिवार का कहना है कि मृतक परिवार के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी, एक करोड़ रुपए मुआवजा, मृतक के भाइयों को शस्त्र का लाइसेंस और पांच बीघा जमीन दी जाए।
इसके साथ ही इस मुकदमे के नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर फास्ट कोर्ट की मदद से उन्हें सजा दिलाई जाए । इन मांगों के पूरा होने के बाद ही वह अंतिम संस्कार करेंगे । फिलहाल प्रशासन ने परिवार की मांगों को मान लिया है इसके बाद चारों शवों को एक साथ अग्नि दी गई ।
पुलिस ने अब तक क्या किया ?
पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा था जिसमे मां-बेटी दोनों के साथ बलात्कार की बात सामने आई है । पुलिस ने कुछ नामजद अभियुक्तों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है । प्रयागराज के एसएसपी सर्वश्रेष्ठ सिंह मौक़े पर पहुंचे और हत्याओं की जानकारी देते हुए कहा की किन कारणों से यह घटना हुई है उसके बारे में अभी विस्तृत जानकारी आएगी इसके अलावा भी जो जानकारी आई है, जो परिवार वालों से पता चला है और हमने भी रिपोर्ट में देखी है कि 2019 और 2021 में उन्होंने कुछ लोगों के ऊपर भूमि विवाद में, उन्होंने एससी एसटी का केस लिखवाया है ।
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