रायबरेली । रायबरेली से कांग्रेस विधायक अदिती सिंह आज भाजपा मे हो चुकी है । अदिती सिंह लंबे समय से कांग्रेस के विरोध में बयान देती आई हैं और मुख्यमंत्री योगी का समर्थन करती रही हैं ।
आपको बता दे कि अदिति सिंह के पिता अखिलेश सिंह की गिनती कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेताओं में होती थी । हालांकि अगस्त 2019 में उनका निधन हो गया है । उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले अदिति सिंह का कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है । बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि रायबरेली में अब अदिति सिंह सोनिया गांधी को टक्कर देंगी ।
अदिती सिंह के साठ बीएसपी की वंदना सिंह ने भी भगवा पार्टी ( भाजपा ) का दामन थाम लिया है । बता दें कि मायावती वंदना को पार्टी से निकाल चुकी हैं ।
कौन है वन्दना सिंह ?
यूपी के आजमगढ़ से सगड़ी विधानसभा क्षेत्र के नरायनपुर गांव निवासी वंदना सिंह को राजनीति विरासत में मिली है वंदना के ससुर राम प्यारे सिंह व पति सर्वेश सिंह सीपू भी सगड़ी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं रामप्यारे सिंह मुलायम सिंह सरकार में पर्यावरण मंत्री भी रहे थे वर्ष 2013 में सर्वेश सिंह सीपू की हत्या के बाद परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए वंदना सिंह राजनीति में उतर गई थीं जनता ने भी इनके साथ पूरी सहानुभूति दिखाई थी । इसी क्रम में वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने इन्हें सगड़ी से टिकट दिया था , वंदना सिंह को कर्मठ और संवेदनशील नेता कहा जाता है मगर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से एक मुलाक़ात के बाद उन्हें बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी से बर्खास्त कर दिया था उन पर बसपा में पार्टी विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप लगा था । अब इन्होने भाजपा जोइन कर ली है ।
कौन हैं अदिति सिंह ?
अदिति सिंह ने कांग्रेस के टिकट पर 2017 का यूपी विधान सभा चुनाव जीता था और वह रायबरेली सदन सीट से विधायक चुनी गई थीं लेकिन धीरे-धीरे कांग्रेस पार्टी से उनकी नाराजगी बढ़ती चली गई और वह रायबरेली से सांसद सोनिया गांधी से खुलकर नाराजगी जाहिर करने लगीं , इसके बाद उन्होंने कई मौकों पर कांग्रेस और पार्टी हाई कमान के खिलाफ बयानबाजी भी की । इसके बाद पार्टी की ओर से उन्हें नोटिस भी जारी किया गया था हालांकि उनका बगावती रुख और भी मुखर होता जा रहा था ।
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