करौली ( मंडरायल ) , 7 दिसम्बर । मंडरायल क्षेत्र के गांव गुरदह मे लगातार अघोषित बिजली कटौती की जा रही है ऐसा नही है की बिजली कटौती अभी की जा रही है यह काफी समय से ऐसा हो रहा है ।
सप्ताह मे तीन दिन बिजली गुल रहती है । क्षेत्रवासी हर कार्य के लिये बिजली पर निर्भर है । आए दिन बिजली के तार टूटने से भी घटनाएँ भी होती रहती है लेकिन कोई अधिकारी व कर्मचारी कई दिनो तक सुध नही लेते है और बिजली गुल भी अघोषित रहती है बिजली कब गुल हो कोई पता ही नही ! बिजली कटौती क्यों की जा रही है इसका कोई ठोस कारण नही है । अघोषित बिजली कटौती होने से क्षेत्र मे बिजली से होने वाले कार्यों मे बाधाएं आ रही है क्योकी अब क्षेत्र मे अधिकतर कार्य बिजली पर निर्भर है । सही बात तो यह है की डांग क्षेत्र में जागरूकता कम होने के कारण अधिकारी व कर्मचारी इसका फायदा उठाते है व घटनाओं की जिम्मेदारी नही लेते है किसी एक व्यक्ति की बात कोई अधिकारी सुनता नही है क्योकिं वह अकेला है ।
विधायक से भी की शिकायत : राजस्थान सरकार द्वारा चलाये जा रहे प्रशासन गाँवो के संग शिविर अभियान मे ग्रामवासियों ने अघोषित बिजली कटौती व लापरवाही की शिकायत क्षेत्रीय विधायक रमेश मीना ( वर्तमान राजस्थान सरकार मे पंचायती राज मंत्री ) से भी शिकायत की थी लेकिन अधिकारियों व कर्मचारियों पर इसका कोई असर नही पडा है । शायद विधायक की सख्ती मे ही कोई कमी रह गई ।
अघोषित कटौती व घटनाओं का जिम्मेदार कौन ?
क्षेत्र मे बिजली के तार टूटने से कई घटनाएँ जैसे भैसों के मरने की घटनाएँ होती रहती है जिसकी सुध तक कई दिनों तक नही ली जाती है कर्मचारी अपने फोन बन्द कर लेते है ऐसे में क्षेत्रवासी काफी परेशानी मे रहते है । सप्ताह में लगभग 3 दिन बिजली कटौती की जाती है जिसका ठोस कारण विभाग के पास नही है , इस मनमानी के पीछे कौन है जिम्मेदार ? राजस्थान सरकार या जिला अधिकारी !
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